भारतीय शादी का निमंत्रण एक कार्यक्रम का नहीं, कई कार्यक्रमों का निमंत्रण होता है। हल्दी, मेहंदी, संगीत, फेरे, रिसेप्शन — हर एक की तारीख, समय और जगह अलग हो सकती है। कार्ड की सबसे बड़ी चूक यही है कि सब कुछ एक ही तारीख के नीचे लिख दिया जाए।
कार्ड में क्या-क्या होना चाहिए
- परिवार का नाम — निमंत्रण किसकी ओर से है
- वर और वधू के नाम
- हर कार्यक्रम अलग पंक्ति में — नाम, तारीख, समय, स्थान
- पता और रास्ता — बड़े शहरों में नक्शे का लिंक ज़रूरी है
- उत्तर देने का तरीका
कार्यक्रमों की सूची कैसे लिखें
हर कार्यक्रम को अलग पंक्ति दें, इस तरह: «मेहंदी — 16 अक्टूबर, शाम 5 बजे, निवास स्थान» / «संगीत — 17 अक्टूबर, रात 8 बजे, ××× बैंक्वेट» / «विवाह — 18 अक्टूबर, रात 9 बजे, ××× गार्डन»।
यह भी बताएँ कि कौन-सा मेहमान किन कार्यक्रमों में आमंत्रित है। सब कुछ मान लेने से आख़िर में संख्या गड़बड़ाती है।
उपस्थिति की पुष्टि
अंत में एक पंक्ति: «कृपया नीचे दिए लिंक पर अपनी उपस्थिति की सूचना दें, ताकि हम बैठने की व्यवस्था कर सकें।» व्हाट्सएप पर पूछने से उत्तर बिखर जाते हैं और अंत में गिनती हाथ से करनी पड़ती है।
डिजिटल निमंत्रण में यह बटन पहले से जुड़ा होता है।
कब भेजें
आम तौर पर दो से तीन सप्ताह पहले। यदि मेहमान दूसरे शहर या देश से आ रहे हैं, तो छह से आठ सप्ताह पहले सूचना दे देना बेहतर है, ताकि वे यात्रा तय कर सकें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सभी कार्यक्रम एक ही कार्ड में लिखने चाहिए?
हाँ, अगर मेहमान सभी में आमंत्रित हैं। हर कार्यक्रम की तारीख, समय और जगह अलग-अलग लिखें — केवल तारीख लिखने से भ्रम होता है।
माता-पिता के नाम कहाँ लिखे जाते हैं?
परंपरागत रूप से निमंत्रण के ऊपरी हिस्से में, क्योंकि निमंत्रण परिवार की ओर से दिया जाता है। कई परिवार अब वर-वधू के नाम पहले रखते हैं — दोनों प्रचलित हैं।
उपस्थिति की पुष्टि कैसे माँगें?
कार्ड के अंत में एक पंक्ति पर्याप्त है, साथ में उत्तर देने का तरीका। तारीख देना ज़्यादा असरदार होता है।